पूर्वांचल का मौसम: सुबह-शाम गलन बढ़ी, जल्द ही शुरू होगा ठंडी हवाओं का असर

मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव जारी है और आने वाले दिनों में तापमान में कमी में ठहराव के बाद दोबारा बादलों की सक्रियता का दौर शुरू हो सकता है। पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बर्फबारी से मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट हो रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि जल्द ही ठंडी हवाओं का असर पूर्वांचल पर नजर आएगा। संभावना है कि सप्ताह भर में ठंड में बढ़ोत्तरी हो सकती है।   सोमवार सुबह वातावरण में ठंडी हवाओं का असर महसूस हुआ। दिन चढ़ने के बाद धूत खिली और आसमान साफ हो गया। धूप खिलने के बाद तापमान में भी इजाफा हुआ।

22 नवंबर की सुबह वाराणसी का औसत तापमान 19 डिग्री सेल्सियस है, जबकि तीन-चार दिन दिन पहले यह 13-14 डिग्री सेल्सियस तक रह रहा था। रविवार शाम होने के बाद तापमान में मामूली कमी का दौर शुरू हुआ तो लोगों को ठंड का अहसास भी हुआ। बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा।

आज रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट
न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य रहा। आईएमडी के मुताबिक, आज न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का असर है कि मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव हुआ है।

मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि उत्तरी पश्चिमी हवाएं चल रही है और हिमालय की ओर से बादल आ रहे हैं। बारिश के बाद पूर्वांचल  के वायु प्रदूषण पर असर हुआ है, जो पहले बहुत खराब या खराब की स्थिति में थी, वो अब मध्यम या संतोषजनक है।
येलो जोन में पहुंचा बनारस
दीपावली के बाद से लगातार रेड और ऑरेंज जोन में रहने के बाद रविवार की देर शाम को बनारस येलो जोन में पहुंच गया। प्रदूषण का स्तर कुछ कम होने से प्रदूषण नियंत्रण विभाग के साथ ही जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि मलदहिया और भेलूपुर का इलाका अभी भी ऑरेंज जोन में बना हुआ है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार की देर शाम बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई)200 दर्ज किया। मलदहिया का एक्यूआई सबसे अधिक 224, भेलूपुर में 204, बीएचयू में 189 और अर्दली बाजार में एक्यूआई 183 दर्ज किया गया।