पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाने की सजा देगा तालिबान, अफगान सरकार की सलाहकार रहीं सारा सीरत को किया अरेस्ट

हालिया दिनों में अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। काबुल की सड़कों पर लोग पाकिस्तान मुर्दाबाद, आजादी और सपोर्ट पंजशीर के नारे लगा रहे हैं। अफगान लोग अफगानिस्तान में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और तालिबान इन प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट कर रहा है। ताजा अपडेट ये है कि तालिबान ने सारा सीरत को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि सारा को कपिसा क्षेत्र में तालिबान ने गिरफ्तार किया है। सारा महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं और वह महिला मामलों के मंत्रालय की पूर्व सलाहकार रह चुकी हैं। सारा कई और महिलाओं के साथ महमूद रकी में महिलाओं के अधिकार, आजादी और अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हस्तक्षेप के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी।

महिलाओं को बुरी तरह से पीट रहा तालिबान

काबुल सहित अफगानिस्तान के अन्य हिस्से में पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ते विरोध को लेकर तालिबान ने लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की थी। लेकिन इसके बावजूद अफगान लोग पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कई लोग काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के सामने भी प्रदर्शन किया है जिन्हें बाद में भगा दिया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जगहों पर महिलाओं को बुरी तरह से पीटा गया है और प्रदर्शन को जबरन खत्म करवा दिया गया है।

तालिबान का दूसरा घर पाकिस्तान?

पाकिस्तान पर तालिबान को सपोर्ट करने के आरोप लगते रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इस बात का सबूत भी पेश किया है कि  कैसे पाकिस्तान अफगानिस्तान सरकार को अस्थिर करके तालिबान का सहयोग कर रही है। अफगानिस्तान और अमेरिका के साथ सालों से जारी युद्ध में पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश रहा है जो तालिबान का समर्थक है। तालिबान ने लगातार पाकिस्तान को अपना दूसरा घर बताया है। हाल ही पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान, तालिबान का ‘संरक्षक’ रहा है और लंबे वक्त तक उनकी देखभाल की है। पाकिस्तान, तालिबान शासन को मान्यता देने वाला सबसे पहला देश हो सकता है।