हत्यारा निकला पति, जाति की वजह से महिला को नसीब नहीं हुआ गांव का श्मशान

Wife-Murder

धन गया कुछ नही गया इज्जत गई सब कुछ गया पूर्वजो की यह कहावत के चलते एक महिला के साथ जो ,मध्य प्रदेश के मंडला जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला की हत्या के बाद ग्रामीणों ने उसके शव को गांव में आने से रोक दिया, जिसके बाद माता-पिता को उसका अंतिम संस्कार दूसरी जगह पर करने के लिए मजबूर होना पड़ा.

मंडला शहर के उपनगरीय क्षेत्र महराजपुर में रहने वाली संतोषी नंदा का शव बुधवार को खून से लथपथ हालत में मिला. मौके पर पहुंची पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला कर संतोषी की हत्या की गई थी.

पोस्टमार्टम के बाद 5 घंटे तक इंतजार

पुलिस ने मौके से जांच पूरी करने के बाद संतोषी का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया. यहां सारी प्रकिया पूरी करने के बाद संतोषी के माता-पिता अंतिम संस्कार के लिए बेटी के शव को लेकर महराजपुर रवाना हो रहे थे कि ग्रामीणों ने गांव में शव लाने पर रोक लगा दी.

दूसरी शादी करने से खफा

ग्रामीण संतोषी की दूसरी जाति में शादी करने की बात से खफा थे. उन्होंने परिजनों पर उसका शव गांव में नहीं लाने के लिए दबाव बनाया. करीब पांच घंटे बाद भी ग्रामीण राजी नहीं हुए तो मजबूरन परिजनों ने देवदरा जाकर बेटी का अंतिम संस्कार किया.

पति ने की हत्या

पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए संतोषी के पति सुनील यादव को हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया.

दरअसल, संतोषी ने सुनील यादव से दूसरी शादी की थी. सुनील को शक था कि संतोषी अपने पहले पति राजकुमार से अब भी संपर्क में है. इसी वजह से चरित्र पर शक करते हुए उसने पत्नी की हत्या कर दी.