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अरुणाचल में फिर छाया सियासी संकट, CM खांडू सहित 6 निलंबित

2016_7image_15_31_297678194pemakhandu-llईटा नगर : पिछले एक साल से राजनीतिक अस्थिरता झेल रहे अरुणाचल प्रदेश में एक बार फिर सियासी संकट छा गया है. प्रदेश के सत्तारूढ़ दल पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश (PPA) ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उप मुख्यमंत्री चोवना मेन समते पांच विधायकों को पार्टीविरोधी गतिविधियों के आरोप में अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया. इस कारण मध्यावधि चुनाव की संभावनाएं बढ़ गई है. ऐसे संकेत कांग्रेस ने भी दिए हैं.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ जिन विधायकों को निलंबित किया गया है उनमें जेंबी टाशी, सीटी मेन, पीडी सोना, जिंगनू नामचोम और कामलुंग मोसांग शामिल हैं.इस बीच अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति (APCC) के अध्यक्ष पाडी रिचो ने पार्टी के सदस्यों से कहा है कि वे राज्य में मध्यावधि चुनावों के लिए तैयार रहें. रिचो ने कहा कि हमारी पार्टी आम लोगों के बीच जाने की योजना बना रही है. लोगों से मिली राय के अनुसार हमारे कार्यकर्ता ब्लॉक और जिला स्तर पर लोगों से बात करेंगे.कार्यकर्त्ता सियासी बदलाव के लिए तैयार रहे.

अरुणाचल में अस्थिरता का दौर

गौरतलब है कि अरुणाचल में पिछले एक साल से ही राजनीतिक अस्थिरता जारी है.महीनों तक चले सियासी उठापटक के बाद पेमा खांडू इस साल 16 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने नबाम तुकी की जगह ली थी.तुकी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के गिरने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. उस वक्त 19 विधायक बागी हो गए थे और कालिखो पुल ने बीजेपी की मदद से बहुमत साबित करने का दावा किया था क्योंकि वह खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे. इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के हक में फैसला सुनाया.उधर 9 अगस्त को कालिखो पुल ने ख़ुदकुशी कर ली थी.इसके बाद कांग्रेस को दूसरा झटका सितंबर में तब लगा जब मुख्यमंत्री पेमा खांडू और स्पीकर तेनजिंग समेत 41 विधायक एक क्षेत्रीय पार्टी पीपीए में शामिल हो गए थे.