गुरुकुलों से टॉप 5 महंगी यूनिवर्सिटीज तक…

भारत में गुरुकुलों में शिक्षा दी जाती थी. गुरुजन बिना भेदभाव के निःशुल्क शिक्षा देते थे. समय बदला और आज शिक्षा महंगी हो गयी है. देश में वंचित तबके के लोगों को निःशुल्क शिक्षा देने के प्रयास जारी हैं,पर दुनिया की तस्वीर इससे इतर भी है. दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढाई बहुत महँगी है. आइये हम आपको मिलवाते हैं दुनिया की टॉप  5 महंगी यूनिवर्सिटी से…university

महंगी यूनिवर्सिटी की लिस्ट
यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो

1892 में शुरू हुयी इस यूनिवर्सिटी के खाते में बहुत सी उपलब्धियां हैं . यहां के 87 छात्रों को नोबल प्राइज मिला. न्यूक्लियर रिएक्शन होस्ट करने का भी गौरव इसे प्राप्त है. रॉकफेलर के सहयोग से इस प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की शुरुआत हुयी . 5700 डालर से लेकर 6400 डालर तक इस यूनिवर्सिटी की फीस है.

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी

लोगों के बीच इस यूनिवर्सिटी का खासा क्रेज है . दुनिया की मोस्ट पॉपुलर यूनिवर्सिटीज में शुमार ये यूनिवर्सिटी काफी महंगी हैं . इसके 36 छात्रों को नोबल प्राइज, 16 को पुलित्जर और 10 को नेशनल लेवल मैडल मिले हैं. 5700 स्टूडेंट्स वाली इस यूनिवर्सिटी का एक सेटेलाइट कैंपस अबू धाबी में है.

हार्वी मड कॉलेज

 क्लेरमोंट यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त इस कॉलेज की स्थापना 1955 में कैलिफोर्निया में हुयी थी. हार्वी सीली मड के सहयोग से शुरू हुए इस कॉलेज का प्लेसमेंट सेल रिक्रूटर्स की पसंद है. इसकी फीस 38 लाख से 44 लाख रुपये तक है.

इम्पीरिअर कॉलेज ऑफ़ लन्दन

1887 में इस कॉलेज की स्थापना प्रिंस अल्बर्ट, प्रिंस कॉन्सर्ट और क्वीन विक्टोरिया के पति ने की थी. पहले ये कॉलेज यूनिवर्सिटी ऑफ लन्दन से सम्बद्ध रहा. बाद में उससे अलग हो गया. 2004 से यहां मेडिसन के साथ बिजनेस भी पढाया जाने लगा .यहां के 15 छात्रों को नोबल मिला है. यहां पढ़ने के लिए आपको 26 लाख रुपये खर्च करने होंगे.

सेरा लॉरन्स कॉलेज

कॉलेज को 2003 में यूएस में बेस्ट फैकल्टी का पुरस्कार मिला. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहां के शिक्षकों और छात्रों ने मदद भेजी थी. टीचर्स और स्टूडेंट्स राजनीति में भी इन्वाल्व रहते हैं. वियतनाम युद्ध का विरोध यहां की फैकल्टी और स्टूडेंट्स ने विरोध किया था. इन्होंने लैंगिक समानता और अधिकारों की लड़ाई लड़ी. यहाँ की फीस 37 लाख से 43 लाख तक है.

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