महज 166 वोटो से हारी शीला सिंह,रानी और पूनम एक साथ मिलकर चुनाव लडी होती तो जीत पक्की थी

बांसडीह; जिले की सबसे चर्चित नगर पंचायत बांसडीह की सियासी मैदान में कड़ी टक्कर देते हुए शीला सिंह की हार जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. विरोधी खेमें में भी चर्चा है की सुनील सिंह जेल में नही होते तो रामगोविंद चौधरी जितना जोर लगा लेते हराना नामूमकिन होता.

वोट की गिनती के दौरान शीला सिंह आगे तो कभी रेनू सिंह  दोनों खेमो में बीच-बीच में जयकारा दिनभर चलता रहा.वोटो की गिनती पूरा होने के बाद ही तय हो पाया की बासडीह नगर पंचायत का चेयरमैनी का ताज  रेनू सिंह को मिला है.

इस चुनाव में सबसे रोचक बात यह रही की अगर पूनम गुप्ता को गुल्लर का समर्थन मिल गया होता तो नगर पंचायत में पहली बार किसी बनिया को चेयरमैन बनने का रिकार्ड बन गया होता.पूनम गुप्ता 1537 और रानी गुप्ता 747 वोटो को जोड़ दिया जाय तो पूनम रेंनू सिंह के प्राप्त मत 2181 से ज्यादा होता.