सपा के बागी बीजेपी नेता बुक्कल नबाब के टूटेंगे अवैध निर्माण

लखनऊ।सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व एमएलसी मजहर अली खान उर्फ बुक्कल नवाब व उनके परिवारीजनों के अवैध निर्माण जल्द ही ढहाए जाएंगे। कमिश्नर अनिल गर्ग द्वारा बुक्कल को खुद से तीस दिन के अंदर अवैध निर्माण गिराने की मोहलत समाप्त होने के बाद एलडीए के विहित प्राधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार मिश्र ने ध्वस्तीकरण के लिए अनुस्मारक (रिमाइंडर) जारी किया है। मिश्र ने अधिशासी अभियंता जोन छह को बुक्कल व उनके परिवारीजनों के तीनों अवैध निर्माण ढहाने के लिए पत्र भेजा है। कमिश्नर द्वारा 22 अगस्त के आदेश के क्रम में 22 सितंबर तक की मोहलत दी गई थी। इससे पहले करीब दस पूर्व रिमाइंडर पत्र भेजा गया, लेकिन प्रवर्तन दस्ते की तरफ से कोई नहीं की गई। जिसके बाद विहित प्राधिकारी ने दोबारा यह रिमाइंडर भेज कर आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।

बुक्कल नवाब को कहीं भी राहत नहीं

उल्लेखनीय है कि 12 मई को एलडीए के तत्कालीन विहित प्राधिकारी धनंजय शुक्ला ने बुक्कल नवाब उनकी पत्नी महजबीन आरा व पार्षद बेटे फैसल नवाब के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद बुक्कल नवाब कमिश्नर के यहां अपील की, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली। कमिश्नर अनिल गर्ग ने बुक्कल नवाब द्वारा एकल आवासीय मानचित्र पर अपार्टमेंट का कराए गए निर्माण में से स्वीकृत मानचित्र के अतिरिक्त अशमनीय निर्माण को खुद से तोडऩे के लिए एक महीने का समय दिया था। कमिश्नर के आदेश के मुताबिक 22 सितंबर तक खुद से निर्माण न तोडऩे पर एलडीए द्वारा अवैध निर्माण ध्वस्त करना था। विहित प्राधिकारी डॉ. मिश्र ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए अधिशासी अभियंता प्रवर्तन को रिमाइंडर जारी किया।

यहां बुक्कल ने किए अवैध निर्माण

मजहर अली उर्फ बुक्कल नवाब के नाम पर ए 1- खसरा संख्या 397 व 398 दौलतगंज हुसैनाबाद व उनकी पत्नी मजहबीन आरा खसरा संख्या 397व 398 गेंदखाना, हुसैनाबाद में अवैध तरीके से निर्माण कराए थे। बेटे फैसल ने भी अवैध निर्माण कराया। भाजपा सरकार बनने के बाद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के बाद अब पूर्व सपा एमएलसी बुक्कल नवाब के भाजपा में जाने के बाद भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी तय है। एलडीए के संबंधित प्राधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार मिश्र ने कमिश्नर महोदय द्वारा एक माह का समय दिए जाने की सीमा समाप्त हो जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए दोबारा अनुस्मारक भेजा गया है। प्रवर्तन दस्ते को तारीख नियत करके तीनों अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई करनी है।