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प्रेरक प्रसंग : सफलता की राह

बालिका विनफ्री बचपन से ही पढ़ने में अत्यंत तेज थी, लेकिन उसका जीवन दुख भरा था। उसके माता-पिता साथ नहीं रहते थे। विनफ्री अपनी मां के साथ रहती थी। मां के नौकर उसे बहुत परेशान करते थे। डर के कारण वह नौकरों के बारे में किसी को बता नहीं पाती थी। अपने हालात से तंग आकर एक दिन विनफ्री मां के घर से निकल कर पिता के पास आ गई। यहां विनफ्री को अनुकूल माहौल मिला और जैसे-जैसे बड़ी होती गई उसकी प्रतिभा भी निखरती गई।deqszr

विनफ्री की वाक् प्रतिभा को देखकर सीबीएस टेलिविजन स्टेशन ने उन्हें शाम के समाचार पढ़ने के लिए आमंत्रित किया। इस पद पर काम करने वाली वह नैशविले की पहली अफ्रीकी-अमेरिकी महिला थीं। इसके बाद 1977 में उन्हें बाल्टीमोर इज टॉकिंग नाम के शो का होस्ट बनाया गया। सात साल तक चलने वाला यह शो एक तरह से विख्यात ओपरा विनफ्री शो का रिहर्सल था। 1984 में विनफ्री को एएम शिकागो नाम के उबाऊ और बोरिंग शो को लोप्रिय बनाने का जिम्मा सौंपा गया।

विनफ्री ने वहां पहुंच कर उस शो को कुकिंग और मेकअप जैसे हल्के फुल्के विषयों से हटाकर उसमें विवादास्पद और समकालीन मुद्दे लेना आरंभ कर दिया। इसके लिए विनफ्री ने कड़ी मेहनत की। तीन महीने में ही विनफ्री की मेहनत रंग लाई और यह शो पसंद किया जाने लगा। धीरे-धीरे यह शो अमेरिका में इतना लोकप्रिय हुआ कि इसका नाम विनफ्री के नाम पर रख दिया गया। इस शो के बारे में यहां तक कहा जाने लगा कि यदि वह अपने शो में किसी लेखक को आमंत्रित कर लें तो उस लेखक की पुस्तक की बिक्री कई लाख के आंकड़े को पार कर लेती है। आज विनफ्री अपने शो के जरिए पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। उन्होंने बचपन कठिनाइयों भरा बिताया और कठिनाइयों की राह ही उन्हें उन्नति की ओर ले गई।