राज्यसभा चुनाव: गुजरात चुनाव पर देशभर की नजरें चुनाव आयोग पर,अहमद पटेल की सीट मुश्किल में

लखनऊ। गुजरात में राज्यसभा के लिये हो रहे चुनाव को लेकर दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। कांग्रेस अपने दो विधायकों के क्रॉस वोटिंग के चलते वोटिंग रद्द करने की मांग पर अड़ी है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल दोबारा चुनाव आयोग से मिला और दो विधायकों की वोटिंग रद्द करने की मांग की। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद पी चिदंबरम ने कहा कि बैलेट की गोपनीयता भंग हुई है इसलिए दोनों विधायकों के वोट रद्द किए जाएं। कांग्रेस ने सबूत के तौर पर वीडियो होने का दावा किया है।

वहीं इससे पहले चुनाव आयोग पहुंची वहीं बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग पहुंचा। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हार के डर से गलत आरोप लगा रही है। वहीं दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई जिसमें एक बार फिर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग भेजने का फैसला लिया गया। आज पूरे देश की नज़रे गुजरात में लगी हुई हैं। राज्यसभा की तीन सीटों लिये वोटिंग खत्म हो चुकी है। अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत तय है लेकिन धड़कनें अहमद पटेल की सीट को लेकर हैं।

इस चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और प्रभावशाली नेता अहमद पटेल समेत अन्य के भविष्य का फैसला होना है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस की सारी कोशिशों को नाकाम करने की कोशिशों में लगी हुई है। मंगलवार को होने वाले राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले सोमवार को गुजरात से बेंगलुरू भेजे गए कांग्रेस के 44 विधायक गुजरात लौट आए। इन विधायकों को आणंद के पास स्थित निजानंद रेसॉर्ट में रखा गया है। ये सभी मंगलवार को मतदान में हिस्सा लेने सीधे गांधीनगर पहुंचेंगे।

182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 57 विधायक थे, जिनमें से छह ने 26 जुलाई को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और उनमें से तीन 28 जुलाई को भाजपा में शामिल हो गए। वहीं सोमवार को अहमद पटेल ने भरोसा जताया है कि वह मंगलवार के राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करेंगे। उन्होंने गुजरात में सत्ताधारी भाजपा पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। पटेल को पांचवीं बार राज्यसभा सदस्य चुने जाने के लिए 45 प्राथमिक मतों की जरूरत है।