यूपी विधानसभा में विस्‍फोटक मिलने की जांच NIA को, योगी ने कई और बड़े फैसले लिए

विधान सभा की सुरक्षा में हुई चुक को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि यहां केवल सदस्य, मार्शल और कर्मियों को ही आने की इजाजत है. इनके अलावा तीसरा कोई भी नहीं आ सकता. फिर वह कौन है जिसने ऐसी शरारत की है.

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या किसी को विशेषाधिकार मिला है जो इसका दुरुपयोग कर रहा है. यह पूरे सदस्यों और यहां काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा का सवाल है. इसकी जांच होनी चाहिए और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में मिला सफ़ेद पाउडर एक खतरनाक विस्फोटक था. सुरक्षा के बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया. लेकिन उसके बाद भी विस्फोटक का सदन के अंदर पहुंचना एक गंभीर प्रकरण है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण की जांच एनआईए से करवाने की सिफारिश करता हूं. इसके अलावा सदन की सुरक्षा की मॉनीटरिंग सीआईएसएफ से की जाएगी.  उन्होंने विधानसभा के सदस्यों से भी अपील की कि वे अपना सहयोग दें.


योगी  ने कहा कि आज के बाद से विधायक, मंत्रियों और कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों का पुलिस वैरिफिकेशन करवाया जाएगा. इसके अलावा बिना पास के सचिवालय में अब कोई गाड़ी प्रवेश नहीं कर सकेगी. मंत्रियों, विधायकों और कर्मचारियों के अलावा अन्य सभी पास को निरस्त कर दिया गया है.सीएम योगी की अपील के बाद यूपी विधानसभा स्पीकर ह्रदयनारायण दीक्षित ने कहा कि विधानसभा के सभी गेटों पर बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे, इसके अलावा सभी पुरानी गाड़ियों के पास भी रद्द किए जाएंगे। हम सभी इस मुद्दे को एनआईए को सौंपने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में QRT टीम को तैनात किया जाएगा।

किसी सरकार को इतनी जल्दी विफल होते नहीं देखा-कांग्रेस

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने विस्फोटक मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, विस्फोटक अगर विपक्ष के नेता की सीट के नीचे मिल सकता है तो कल्पना कीजिए कि यूपी में कानून-व्यवस्था का क्या हाल है। किसी सरकार को इतनी जल्दी विफल होते नहीं देखा।