राहुल बोले : अमीरों का आठ लाख करोड़ कर्ज माफ करे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला।  उन्होंने कहा कि नोटबंदी एक फीसदी अमीरों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के 99 प्रतिशत लोगों का पैसा बैंकों में जमा कराने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इन्हीं आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जाना है।phpthumb_generated_thumbnail-4
 

इसके लिए ही नोटबंदी के बाद बार-बार नियम-कानून भी बदले जाते रहे। मोदी सरकार की योजना गरीबों, किसानों, मध्यम वर्ग का पैसा छह-आठ माह तक बैंक में रोके रखने की है। नोटबंदी से ठीक एक महीने पहले सितंबर में बैंकों में छह लाख करोड़ रुपये इसीलिए जमा किया गया।

बैंकिंग कारोबार के इतिहास में इतनी बड़ी रकम पहले कभी जमा नहीं हुई। सरकार बताए यह जमा रकम किसकी है। कहा, स्विट्जरलैंड सरकार ने स्विस बैंकों में खाता रखने वालों की सूची प्रधानमंत्री को सौंप दी है, लेकिन बार-बार संसद में मांगे जाने के बावजूद केंद्र सरकार सूची सार्वजनिक नहीं कर रही है।

बीआरपी इंटर कालेज के मैदान में आयोजित जनाक्रोश रैली में राहुल ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि नोटबंदी तो ठीक है लेकिन प्लानिंग ठीक नहीं है। मैं कहता हूं जबरदस्त प्लानिंग है। अगर देश के 50 अमीरों का आठ लाख करोड़ कर्ज माफ करना है तो जमा हुआ पैसा कुछ महीने तक बैंकों में रोके रखना होगा।

दो-तीन माह में यह बात सबकी समझ में आ जाएगी। ढाई साल में देश का 60 प्रतिशत धन इन एक फीसदी अमीरों को मोदी सरकार ने दिलवा दिया। उन्होंने नोटबंदी की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के समय की गई बमबारी से की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा मोदी कहते हैं नोटबंदी की योजना केवल उनकी थी।

किसी को इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन ऐसा नहीं था। बिहार, ओडिशा समेत कई राज्यों में भाजपा ने नोटबंदी से पहले हर जिले में पार्टी कार्यालय के लिए जमीन खरीदी। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा से पहले सारा पैसा बैंक में जमा कर दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस हिंदुस्तान से भ्रष्टाचार मिटाना चाहती है।

एनडीए सरकार अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी निर्णय लेती, हम सौ फीसदी उसका समर्थन करते। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार बात बदलते रहे। पहले कहा कालाधन लाने के लिए है। जब बताया गया कि कुल कालेधन में केवल छह फीसदी कैश में होता है।

हिंदुस्तान के चोर बहुत होशियार हैं। 94 फीसदी कालाधन रियल इस्टेट, सोना, जमीन, विदेशी बैंकों में जमा के रूप में होता है। यह मेरा नहीं मोदी सरकार का ही आंकड़ा है। मोदी सरकार इन छह फीसदी कालाधन रखने वालों के पीछे पड़ने के बजाय 94 फीसदी आम लोगों के पीछे पड़ गई।

ढाई साल में 50 अमीर लोगों का 1.10 लाख करोड़ रुपया कर्ज माफ कर दिया। इसके बाद कहा आतंकवाद रोकने के लिए नोटबंदी की। लेकिन यह बयान देने के दो दिन बाद ही कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के पास दो हजार के नए-नए नोट मिले। राहुल गांधी ने कहा इसके बाद मोदी ने कैशलेस की बात कही। कैशलेस में पांच प्रतिशत कमीशन उन्हीं अमीर 50 परिवारों के पास जाएगा।