अरविन्द केजरीवाल बोले- शराब को छोड़ दें भगवंत मान, वरना छीन लेंगे पद

आम आदमी पार्टी ने पंजाब में अपने संगठन में बदलाव किया है। भगवंत मान को नया सूबा प्रधान (कनवीनर) बना दिया है, लेकिन एक शर्त के साथ। केजरीवाल ने मान से कहा है कि उन्हें शराब छोड़नी होगी, अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनसे पद वापस ले लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, भगवंत मान को पंजाब आप का संयोजक बनाने का फैसला केजरीवाल के घर पर लिया गया था, जिस दौरान यह शर्त भी रखी गई। बताया जा रहा है कि मान के संयोजक बनने से पहले इस पद पर मौजूद गुरप्रीत सिंह घुघ्घी भी नाराज हैं।

गौरतबल है कि भगवंत मान कई बार शराब पीकर हंगामा खड़ा कर चुके हैं। उन पर संसद में भी शराब पीकर जाने के आरोप लग चुके हैं। कई सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से इस बात की शिकायत भी की थी। भगवंत मान के कई वीडियो भी वायरल हो चुके हैं।

सरबजीत कौर मानुके विधानसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त

दूसरी ओर, जगरांव से विधायक सरबजीत कौर मानुके को विधानसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया गया है। ये फैसला पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में सोमवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में लिया गया। इससे पहले केजरीवाल ने पंजाब के सभी विधायकों, जोन इंचार्ज, फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों के साथ वन-टु-वन बैठकें कीं। बाद में सबके साथ बैठक की गई, इसके बाद पीएसी में फैसले पर मुहर लगाई गई।

आप प्रवक्ता के मुताबिक, राष्ट्रीय नेतृत्व ने सूबे के नेताओं से यह फीडबैक लिया है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी को कैसे आगे लेकर जाना है। ताकि पंजाब इकाई को और ज्यादा मुखर और जवाबदेह बनाया जा सके। पार्टी ने मालवा से दो और दोआबा व माझा से एक-एक उप प्रधान नियुक्त् करने का भी फैसला किया है, जिनकी घोषणा बाद में की जाएगी।

वहीं, पंजाब को ज्यादा अधिकार देते हुए पार्टी ने पंजाब की अलग पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी बनाने का फैसला किया है। ताकि पंजाब इकाई सूबे से संबंधित मामलों में अपने फैसले खुद ले सके। सूबा कनवीनर के तौर पर भगवंत मान पाटी के सभी मामलों के लिए जिम्मेदार होंगे।

जबकि, अमन अरोड़ा खासतौर पर संगठन निर्माण पर फोकस करेंगे। जल्द ही पार्टी सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाएगी। चुनाव में किए वादों पर जवाब मांगेगी। पीएसी ने पंजाब इकाई से लोगों के बीच जाने और सरकार को हर वादे के प्रति जवाबदेह बनाने को कहा है।