नोटबंदी के बाद काले धन पर सरकार को अब तक मिले 6000 करोड़ रुपये टैक्स

नई दिल्ली : नोटबंदी के बाद काले धन के खिलाफ बनाई गई विशेष जांच टीम ने अघोषित टैक्स डिपॉजिट पर तकरीबन 6 हजार करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह संख्या अभी और भी बढ़ सकती है। ऐसी उम्मीदें जताई जा रही हैं।img_20170318101409

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार 8 November के बाद 500 और 1000 के पुराने नोटों को बैन कर दिए जाने के बाद टैक्स अधिकारियों ने उन लोगों से ब्यौरा मांगा था जिन्होंने एक मुश्त पैसा अपने और दूसरों के खातों में जमा कराया था।
वहीं, कई ऐसे भी लोग हैं जो सजा से बचने के लिए एमनेस्टी स्कीम के तहत अपनी अघोषित आय पर 60 फीसदी टैक्ट पेनाल्टी देने को तैयार हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इसे भी बढ़ा कर 75 फीसदी कर दिया है। SIT के उपाध्यक्ष जस्टिस अरिजित पसायत ने कहा कि नोटबंदी के बाद सरकार ने अघोषित टैक्स डिपॉजिट पर तकरीबन 6 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या बढ़ भी सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पसायत SIT के चेयरमैन जस्टिस एम बी शाह के साथ ईडी, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स, सीबीआई और दूसरी एजेंसियों द्वारा चलाए गए अभियान की निगरानी कर रहे हैं। पसायत ने कहा कि टैक्स अधिकारियों ने अब तक करीब 6000 करोड़ रुपये इकट्ठे किए हैं।
पसायत ने कहा कि नोटबंदी के पहले चरण में काले धन के खिलाफ अभियान चलाया गया, जिसमें 50 लाख या उससे अधिक जमा करने वालों पर नजर रखी गई। उन्होंने बताया कि Email और एसएमएस इन जमाकर्ताओं को भेजे गए। कई लोग सजा से बचने के लिए टैक्स देने को तैयार हो गए। उन्होंने बताया कि ओडिशा जैसे गरीब राज्य में हजारों लोगों को ऐसे ईमेल और एसएमएस भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि 50 लाख रुपये जमा कराने वाले 1092 लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि हर तरह के डिपॉजिट को जांचने में टैक्स अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। पसायत ने बताया कि बड़ा अमाउंट डिपॉजिट करने वाले बिजनसमैन को पिछले 3 साल का बैलेंस शीट पेश करने के निर्देश दिये गए हैं। उनसे साथ ही हर साल के ITR का ब्यौरा भी मांगा गया है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में एक डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) ने 2.5 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। जाहिर है कि वह इस राशि का स्रोत नहीं बता सकता है, क्योंकि यह रिश्वत का पैसा है। उनका पूरा पैसा जब्त कर लिया जाएगा।