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घने कोहरे व गलन से ठिठुरे लोग

घने कोहरे व गलन से शुक्रवार को पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। पूर्वाह्न तक लोग वाहनों की लाइट जलाकर चलने को विवश हुए तो कड़ाके की ठंड के बीच छात्र-छात्राओं को कांपते हुए विद्यालय जाना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद धूप निकली लेकिन तपिश अधिक न होने के चलते गलन में कोई कमी नहीं आई।fog-covered-at-morning_1481912538

सुबह जब लोगों ने बिस्तर छोड़ा तो चारों तरफ घना कोहरा पाया। सर्द हवा चलने से गलन में और भी वृद्धि हो गई। घने कोहरे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्वाह्न 11 बजे तक सड़कों पर लोगों को लाइट जलाकर व नियंत्रित गति में वाहन चलाना पड़ा। कड़ाके की ठंड के बीच छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए विद्यालय गए।

अभिभावक रामगोपाल व चंद्रप्रकाश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि डीएम के निर्देश के बाद भी निजी विद्यालयों का संचालन सुबह आठ बजे से किया जा रहा है। इसके चलते बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका।

हाड़कंपाऊ ठंड के बीच जिला मुख्यालय पर अकबरपुर रेलवे क्रॉसिंग व बीएन इंटर कॉलेज के सामने रैन बसेरे की स्थापना तो कर दी गई लेकिन उसमें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। कायदन रैन बसेरे में न सिर्फ अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए बल्कि एक चिकित्सक की भी तैनाती की जानी चाहिए। फिलहाल इन दोनों रैन बसेरों में ऐसी किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।

और तो और, रैन बसेरे के नाम पर जो टेंट लगाया गया है, वह नीचे से चारों तरफ से खुला हुआ है। इससे  रैन बसेरे में चारों तरफ से हवा जाती रहती है। नतीजतन यहां आने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ता है। लगातार गिरते तापमान के बावजूद जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के सार्वजनिक स्थानों पर सुचारु अलाव की व्यवस्था नहीं हो सकी है।

ऐसा तब है जबकि शासन से सभी तहसील को अलाव के लिए 50-50 हजार रुपये लगभग एक पखवारा पूर्व ही उपलब्ध कराया जा चुका है। इतना ही नहीं प्रत्येक तहसील को कंबल वितरण के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये भी उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अब तक आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में कंबल का वितरण भी नहीं कराया जा सका है। 

 कोहरे के चलते अप व डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन 18 दिसंबर से 15 जनवरी तक के लिए ठप रहेगा। मऊ-आनंदविहार एक्सप्रेस अप व डाउन भी इसी अवधि के बीच नहीं चलेगी। इससे हजारों यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। इस बीच कोहरे के चलते आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें पांच से लेकर 12 घंटे तक विलंब से चल रही हैं।

जानकारी के अभाव में अकबरपुर स्टेशन पहुंच रहे यात्री घंटों भीषण ठंड में ट्रेन का इंतजार करते रहे। गौरतलब है कि जैसे-जैसे घने कोहरे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, ट्रेनों की रफ्तार पर भी उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ट्रेनों के विलंब से यात्रियों के समक्ष आने वाले दिनों में कई और बड़ी समस्याएं खड़ी होने वाली हैं।

कारण यह कि अकबरपुर आने वाली इंटरसिटी अप व डाउन का घने कोहरे के चलते 18 दिसंबर से 15 जनवरी तक संचालन ठप रहेगा। साथ ही मऊ-आनंदविहार अप व डाउन एक्सप्रेस का भी संचालन 18 दिसंबर से 15 जनवरी तक नहीं होगा। इन दोनों ट्रेनों का संचालन ठप होने से संबंधित यात्रियों को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।

इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें पांच से 12 घंटे तक विलंब से चलने की सूचना अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को दी गई। इनमें साबरमती डाउन एक्सप्रेस निर्धारित समय शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे से पांच घंटा विलंब से अकबरपुर पहुंची। कैफियात डाउन एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह छह बजकर 43 मिनट से आठ घंटा विलंब से अकबरपुर पहुंची।

दून डाउन एक्सप्रेस निर्धारित समय शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे से पांच घंटा, मरुधर डाउन एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे से चार घंटा, उत्सर्ग अप एक्सप्रेस शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे से छह घंटा व डाउन गुरुवार देर रात्रि साढ़े 11 बजे से सात घंटा विलंब से अकबरपुर पहुंची। सियालदाह डाउन एक्सप्रेस गुरुवार देर रात साढ़े 11 बजे से आठ घंटा विलंब से अकबरपुर पहुंची।