प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएचयू में केंसर हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का किया शिलान्यास

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे बीएचयू पहुंचे जहां स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में कैंसर सेंटर और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास किया। इसके बाद पीएम ने ईएसआईसी के डेढ सौ बेड के सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल का उदघाटन दोपहर 12:30 बजे डीरेका में एक कार्यक्रम के दौरान किया। इस अस्पताल की सेवा से संबंधित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया जिसमें बताया गया कि इस अस्पताल में किस प्रकार की सेवाएं व सुविधाएं मौजूद होंगी।modi-wins-650_122012081331

इसके बाद ट्रेड फैसिलिटेशन में बुनकरों, हस्तशिल्प व क्राफ्ट म्यूजियम का रिमोट से उदघाटन किया गया।गंदगी से गुजरिए तो दुर्गंध आती है, एक सीमा में दुर्गंध आती है। सफाई होती है तो गुजरना मुश्किल होता है। मगर सफाई होने के बाद काफी बेहतर स्थिति हो जाती है। मैंने भी सफाई अभियान शुरू किया है। योजना बनाते समय कभी नहीं सोचा था कि लोग कैसे किसके साथ खडे होंगे। बेइमानों को बचाने की तरकीब अपनाई जा रही है। दुनिया को यह समझना होगा कि इमानदारी के रास्ते पर चलने को देश कष्ट झेलने को तैयार है, तकलीफ के बाद भी लोग खडे हैं। ऐसा दुनिया में कहीं नहीं हुआ है। जनता जनार्दन का आशिर्वाद हो तो वह काम कभी असफल नहीं होता। कुछ विरोध करने में असंतुलन भी खो देते हैं। बोलने में लोग बडी गडबड करते हैं। बिना जेब में नोट भरे काम हो सकता है तो क्या दिक्कत।मनमोहन सिंह सन सत्तर से अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगे रहे मगर रिपोर्ट कार्ड मेरा दे रहे हैं। पचास फीसद गरीबी विरासत कांग्रेस की है। मनमोहन जी आप अपना रिपोर्ट कार्ड दे रहे हैं। चिदंबरम कहते हैं कि पचास फीसद गांवों में बिजली नहीं है तो कैसलेस कैसे काम होगा, क्या मैने बिजली का तार काट लिया। यह मोदी का विरोध होता है, काशी ने मुझे पाला पोसा है। राहुल गांधी युवा नेता है अभी भाषण सीख रहे हैं जबसे उन्होंने बोलना सीखा है और बोलना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई पार नहीं। पता ही नहीं चलता कि इस पैकेट में क्या है। न बोलते तो भूकंप आ जाता था। अच्छा हुआ कि बोलने लगे तो भकंप की स्थिति पता चल रही है। जिस देश में साठ फीसद अनपढ हैं वहां कैसलेस कैसे होगा। मगर यह रिपोर्ट कार्ड किसका है सिर्फ कांग्रेस का। किसी का काला धन खुल रहा है तो किसी का काला मन खुल रहा है।आप सबसे आग्रह है कि भ्रष्टाचार की सफाई हो मगर पुन: न पनपे यह युवाओं से मदद की जरूरत है। ऑनलाइन चाय पिया जा सकता है बेंचा जा सकता है। मोबाइस मे एप से लेनदेन करें, नोटों का खेल खत्म करें। जाली नोट को को 8 नवंबर को ही दफना दिया गया था। नक्सलवाद, आतंकवाद सब चौपट होने लगा है। कुछ निर्णय होते हैं जो बदलाव लाते हैं। देश की सेना के जवान पाकिस्तान जाकर आतंकवादियों को मार कर आते हैं मगर कुछ लोगों को लगने लगा है कि मिजाज अलग है। मुझे इस काशी की धरती से ताकत आशिर्वाद मिला है उसका आभार।इस दौरान मोदी ने कहा कि कैंसर की बात आती है तो दिमाग में टाटा इंस्टीच्यूट का नाम आता है। अब उसी श्रेणी की सुविधा से युक्त अस्पताल का यहां शिलान्यास हो रहा है। मैं बीएचयू का आभारी कि उसने इसके लिए भूमि दी। इसी तरह स्पे. अस्पताल का भी शिलान्यास कर रहा हूं। पहले एक विशेषज्ञ डाक्टर सब देखता था मगर अब नाक , कान, गला, आंख सबका डाक्टर अलग चाहिए। हो सकता है कल को दाएं – बांए आंख कान के लिएभी अलग – अलग डाक्टर मांगे जाएं (तालियों की गड़गड़ाहट)। आशय यह कि मांग बढ़ रही है, सुविधा बढ़ानी होगी। सुपर स्पे. यही है। अब डाक्टर का काम कम, संबद्ध मशीनों का काम बढ़ रहा है। जांचें अब इलाज की दिशा तय करती हैं। देखिए, हम बहुत सक्षम देश हैं। हमारे डाक्टरों की आवाज पूरी दुनिया में सुनी जाती है। अब हमें गरीब व्यक्ति को सस्ती व सही दवाउपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ना है। जेनेरिक मेडीसिन, सस्ती दचाएं इसका विकल्प हैं।पीएम ने वाराणसी के दौरे से पूर्व कई टवीट कर अपने दौरे की जानकारी को सोशल मीडिया में अपडेट किया। सुबह ही उन्होंने नागरिकों व थाजपा के बूथ लेवल कार्यकर्ताओं से मुलाकात, महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर व सुपर स्पेसिएलिटी हास्पिटल, ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर और क्राफ़ट म्यूजियम के अतिरिक्त टेक्सटाइल संबंधी कार्यक्रम व इएसआई हास्पिटल के उदघाटन की जानकारी दी।सफेद कुर्ता, काली हाफ सदरी कम जैकेट, खादी की शाल कंधे पर। हाल में कला जगत की महान विभूतियां गिरजा देवी जी, पंडित राजन व पंडित साजन मिश्र जी समेत हस्तियां मौजूद। पीएम के एक ओर महेंद्रनाथ पांडेय तो दूसरी ओर बैठे हैं महेश शर्मा। महेश शर्मा ने पीएम को भेंट किया पुष्पगुच्छ। प्रधानमंत्री ने कैंसर सेंटर, सुपर स्पे. अस्पताल का किया शिलान्यास।