दो प्रत्याशियों के समर्थक भिड़े, चले ईंट-गुम्मे

हीड़ी पकड़िया गांव में चुनाव प्रचार के दौरान मंगलवार को निषाद व पीस पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी और बसपा प्रत्याशी के समर्थक आपस में भिड़ गए। बसपा कार्यकर्ताओं के पांच वाहन लाठी-डंडों व ईंट-गुम्मों से क्षतिग्रस्त कर दिए गए। कार्यकर्ताओं को पीटने के लिए दौड़ा लिया गया। पुलिस के पहुंचने पर फिर बसपा कार्यकर्ता जुट गए। बसपा प्रत्याशी व पूर्वमंत्री लालजी वर्मा भी समर्थकों के साथ गांव पहुंच गए।fight_1486140450
 
इस बीच एक बार फिर दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। पुलिस बल ने दोनों पक्षों को मौके से हटाकर माहौल शांत कराया। कुछ देर बाद निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महरुआ बाजार में जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों की मान मनौव्वल पर कार्यकर्ताओं ने जाम हटाया। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक अफरातफरी का माहौल रहा। कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के हीड़ी पकड़िया गांव में मंगलवार को निषाद व पीस पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी अजय सिंह सिपाही की बैठक चल रही थी।

इसी दौरान बसपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए कई वाहनों से लोग गांव पहुंच गए। वहां नारेबाजी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। अजय समर्थकों ने पहले से मीटिंग होने का हवाला देते हुए उनसे वहां से चले जाने को कहा। दूसरे पक्ष ने जाने से इन्कार कर दिया। इसी पर बात बढ़ गई। बसपा समर्थकों का आरोप है कि अजय समर्थकों ने इसके बाद लाठी-डंडा लेकर सभी को दौड़ा लिया। बसपा कार्यकर्ता ध्रुव सिंह के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

चार अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। इन चार वाहनों को मौके पर छोड़कर बसपा कार्यकर्ता भाग निकले। गांव से बाहर निकलकर बसपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस व पार्टी नेताओं को सूचना दी। महरुआ व भीटी थाना की पुलिस मौके पर पहुंचने के साथ बसपा प्रत्याशी लालजी वर्मा भी गांव पहुंच गए। इसके बाद वहां एक बार फिर से दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

बसपा कार्यकर्ताओं के मुताबिक यहां उन्हें गांव से हटाने के लिए पत्थरबाजी भी की गई। अधिकारियों ने पूर्व मंत्री को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर वहां से जाने को कहा। इसके बाद बसपा कार्यकर्ता चले गए। पुलिस ने ग्रामीणों को इसके बाद मौके से हटा दिया। इसके कुछ देर बाद ही बड़ी तादाद में निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने महरुआ बाजार पहुंचकर चक्का जाम कर दिया।

उनका कहना था कि प्रशासन पूर्व मंत्री के दबाव में आकर न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं कर रहा है। उनकी शांतिपूर्ण मीटिंग में पहले खलल डाला गया फिर पुलिस को बुलाकर उत्पीड़न का प्रयास कराया जा रहा है। एएसपी राममोहन सिंह ने यहां पीस पार्टी प्रत्याशी व समर्थकों को आश्वस्त किया कि मामले में न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ।